विश्वेशं माधवं दुंडिं दण्डपाणिं च भैरवम्। वन्दे काशी गुहां गंगां भवानी मणिकर्णिकाम्॥
विश्वेशं माधवं दुंडिं दण्डपाणिं च भैरवम्। वन्दे काशी गुहां गंगां भवानी मणिकर्णिकाम्॥

विवाह, तिलक, मड़वा एवं हल्दी अनुष्ठान

विवाह संस्कार हिन्दू धर्म के सोलह संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। विवाह से पूर्व होने वाले तिलक, मड़वा, हल्दी तथा विवाह अनुष्ठान को शास्त्रीय विधि से सम्पन्न करना अत्यंत आवश्यक माना गया है। यह अनुष्ठान नवविवाहित जीवन में सुख, समृद्धि, प्रेम एवं दीर्घायु का आशीर्वाद प्रदान करता है। हमारे विद्वान आचार्य सम्पूर्ण वैदिक विधि से सभी अनुष्ठानों का संचालन करते हैं।

Benefits

  • विवाह में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं।
  • दाम्पत्य जीवन सुखमय बनता है।
  • परिवार में प्रेम एवं सौहार्द बढ़ता है।
  • शुभ ग्रहों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
  • विवाह कार्य बिना किसी विघ्न के सम्पन्न होता है।
  • नव दंपत्ति को सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

Process

  • शुभ मुहूर्त निर्धारण
  • गणेश पूजन
  • तिलक संस्कार
  • हल्दी अनुष्ठान
  • मड़वा पूजन
  • विवाह मंत्रोच्चारण
  • सप्तपदी एवं आशीर्वाद
  • वैदिक ब्राह्मण
  • सम्पूर्ण पूजन सामग्री
  • विवाह अनुष्ठान
  • तिलक विधि
  • हल्दी पूजन
  • मड़वा पूजन
  • विवाह मंत्र एवं सप्तपदी

पूजन सामग्री सहित – ₹21,000