विश्वेशं माधवं दुंडिं दण्डपाणिं च भैरवम्। वन्दे काशी गुहां गंगां भवानी मणिकर्णिकाम्॥
विश्वेशं माधवं दुंडिं दण्डपाणिं च भैरवम्। वन्दे काशी गुहां गंगां भवानी मणिकर्णिकाम्॥

मंगल ग्रह वैदिक मंत्र जाप

मंगल ग्रह साहस, भूमि, विवाह एवं ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है। मांगलिक दोष एवं भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु यह अनुष्ठान अत्यंत प्रभावी माना जाता है।

Benefits

  • मांगलिक दोष शांति
  • भूमि विवाद में राहत
  • साहस एवं ऊर्जा
  • विवाह योग में सुधार
  • दुर्घटनाओं से सुरक्षा
  • आत्मबल में वृद्धि

Process

  • शुभ मुहूर्त का निर्धारण एवं संकल्प
  • श्री गणेश एवं गुरु पूजन
  • मंगल ग्रह का आवाहन एवं पूजन
  • लाल पुष्प, लाल वस्त्र एवं विशेष सामग्री से अर्चना
  • वैदिक विधि से 40,000 मंगल बीज मंत्रों का जाप
  • मंगल ग्रह शांति हेतु विशेष हवन
  • पूर्णाहुति एवं मंगल आरती
  • ब्राह्मणों द्वारा आशीर्वाद एवं मंगल दोष शांति प्रार्थना
  • प्रसाद वितरण एवं अनुष्ठान का समापन

पूजन सामग्री सहित – ₹15,000